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रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनायें

⚡रक्षा बंधन हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। खासतौर पर इसे दीवाली या फिर होली की तरह पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह हिंदू धर्म के उन त्योहारों में से एक हैं, जिन्हें पुरातन काल से मनाया जाता आ रहा है। यह त्योहार भाई-बहन के असीम प्रेम और अटूट रिश्ते को दर्शाता है और राखी का धागा दोनों के स्नेह को दर्शाता है। देशभर के अलग-अलग हिस्सों में इसे अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में सावन की पूर्णिमा पर जल देवता वरुण की पूजा की जाती है।⚡ ✅राखी बांधते समय जो याद रखा जाता है वो है भद्रा काल। दरअसल शास्त्रों में राहुकाल और भद्रा के समय शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा में राखी न बंधवाने की पीछ कारण है कि लंकापति रावण ने अपनी बहन से भद्रा में राखी बंधवाई और एक साल के अंदर उसका विनाश हो गया। इसलिए इस समय को छोड़कर ही बहनें अपने भाई के राखी बांधती हैं। ➕वहीं यह भी कहा जाता है कि भद्रा शनि महाराज की बहन है। उन्हें ब्रह्माजी जी ने शाप दिया था कि जो भी व्यक्ति भद्रा में शुभ काम करेगा, उसका परिणाम अशुभ ही होगा। इसके अलावा राहुकाल में भी राखी नहीं बांधी जाती। राखी का यह त्योहार भाई-बहन के अटूट रिश्ते, प्यार, त्याग और समर्पण को दिखाता है । बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी या फिर रक्षा सूत्र बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। ➕आप सभी को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनायें ➕